बिहार में चुनाव पर्व शुरू होने वाला है और अब जरूरत होगी पावर की, गोली की, लाठी की, दबंगों की, सभी पार्टियों को होगी जरूरत! चलें देखें कि कैसी तैयारी चल रही है..... लाल साहेब की पार्टी की बैठक शुरू हो चुकी है और लाल साहब अपनी गद्दी पर बैठ कर असली तैयारी पर अपने विचार रख रहे हैं," ऐस कैसे होगा चुनाव फिट ? अरे सुनो, बीच में कौनो नहीं बोलेगा.... प्रभुदेवा को तो पटा लिए हैं लेकिन, ससुरा का कोई ठीक नहीं है, कब बिदक जाए. कब बन्दर की तरह पलटनिया मार दे और छपरा- सिवान हिले लगे..तस्लिमवा , ललनवा और मोहनवा को, बूझता है, नजर के आई में रखना है. "
लाल साहेब जैसे साँस लेने के लिए रुके कि धप्प से कलुआ बोल पडा,' साहेब, सबसे जरूरी तो मोहनवा को धरना है....इस के गैंगवा में तीन गो ए. के. ४७ पहुँचिये गया है. ससुरा जेल में है, सो इस बार उ कौनो चानस नहिये लेगा..."
अभी कलुआ औरो बोलता लेकिन, साहेब बीचे में बोल पड़े," चुप धतुरवा, हम का कह रहे थे .....ई तो स्पीड़े में ब्रेक कर देता है....हाँ, हम कह रहे थे कि मोहनवा अभी बहुत्ते फास्ट चल रहा है. उ अभिये से फास्टे फास्ट चलेगा इ हम सेंटे परसेंटे जानते थे. उसको जैसे भी हो हमको पंजियाना है...."
अनीति जी की बैठक भी गरमा-गरम चल रही थी, " इस बार भी हमरा स्लोगनवा रहेगा कि " गुंडा राजनीति को जड़ से समाप्त करना है", और इसके लिए अंडरवर्ल्ड में अपनी जड़ मजबूत होना बिल्कुल्ले जरूरी है. इस लिए, पहले की तरह इस बार भी सभ्भे बाहुबलियों को सेट करिए लेना है. पिछली बार तो हम ५२ बाहुबलियों को टिकस्वा दिए थे, लेकिन ई बार तो लाल सहेब्वा पितपिताये हुए है. उ अपना कुल्ले ताकतवा लगा देगा. अरे उ त मोहनवा को अभिये से पटा रहा है. हमको डिटेल में कुल्ले बाहुबलियों की लेटेस्ट रिपोर्ट चाहिए."
अंडरबीअरवा झट से बोला," साहेब हम तो जानबे करते थे कि इहे प्रश्न में क्वेसचंवा उठेगा. से हे से हम तैयार हो के आये हैं. साहेब, चुनाव से पहिले कुल्ले नाल वाले नेतागण असलहवा के लिए खूब्बे जोर मारे हैं. किसी का बजेट दू करोड़ तो किसी का तीन करोड़ रहा है. मोहनवा हथियार खरीद में टौपे पर है. उसको तो हम भी कुछ हथियार सप्लाई किये हैं और खूब्बे पैसा टाने हैं. उ सालिडे पैसा लगाता है......"
अनीति जी जोर से हँसे और बोले, "अरे अंडरबीअरवा, तुमरा ई धन्धवा तो हम जानबे नहीं करते थे. तुम तो उस्तादे निकला. अब तुम्ही मोहनवा को सेट कर के हमको रिपोर्ट करेगा. अरे हाँ, मीडिया वाले पूछ रहे थे कि आप कहते हैं कि आप लाल साहेब का गुंडागर्दी ख़त्म करेंगे लेकिन आप तो गुंडवन से सेट्टिंग - फेट्टिंग कर रहे हैं ?
हम तो खुब्बे हँसे और बोले , " आप लोगन पत्रकारिता करते हैं, और हम राजनीति करते हैं, ज़रा बूझिये, हम पिछले चुनावों में भी लाल साहेब की गुंडागर्दी पर कैसा छापा मारे थे ? उनका अस्सी परसेंट फ़ोर्सवन हमरे पार्टी में चला आया था. तो उनका गुंडागर्दी ख़तम हुआ कि नहीं ? हम ऐसे ही राज नहीं कर रहे हैं ? ई सुन के न, कुल्ले पत्रकारवन के मुहे चुप हो गया! "
विलास जी की बैठक भी खूब्बे जम रही है," अरे तुम लोगन देखना हम दादा लोगन को कैसे सेट कर सबको चौंका देते हैं. पिछली बार हमने ७४ दागियों को टिकट दिया था. उस बार भी हम इस मामले में फस्ट थे और इस बार भी फस्ट रहेंगे. कौनो चिंता करने की बात नहीं है. सब दागियों को पटाने जुटाने में लगे हैं और ई काम तो हम पहिले से ही निपटा चुके हैं. रहा कुछ क्षेत्र में पंजाबी वोट का मामला तो हमरी राम प्यारी काहे के लिए है? ले आयेंगे दिल्ली वाली दुल्हनिया को!
"हम लोगन तो आजादी के दीवाने रहे हैं, लेकिन, क्या करें बाबा कहते हैं कि ग्रैजुएट लोग को लेकर राजनीति करो, बड़ा शर्म लगता है कि हम तो खुद्दे ग्रैजुएट नहीं हैं न. लेकिन राजकुमार साहेब का आदेश है तो, पालन तो करना ही होगा. फिर भी कुछ जोगाड़ किये हैं. सौ दागियों में से कम से कम बीस प्रतिशत तो हम लोगों को साथ देबे करेगा, काहें कि उनका भी मजबूरिये है, हमरा समर्थन करने का. जहाँ मोहनवा होगा, वहां उसका एंटी पार्टी तो होबे करेगा. हम लोगन को इसी फैक्ट्वा का लाभ उठाना है. और जम कर सब बड़ा दादा लोगन की एंटी पार्टियों को पन्जिआइए लेना है. लेकिन बाबा को इस बात की भनक भी नहीं लगनी चाहिए, नहीं तो मामले में खटाई पड़ जाएगा.
इस प्रकार सभी प्रमुख दलों ने तैयारी कर ली है दागियों के पटाने की लेकिन, कुछ दागी ऐसे भी हैं जो ज़रा इन्ड़ेपेंडेंट ख्याल के हैं, सो उनका चुनावी ग्रामर ज़रा अलगे है. उ लोगन स्वतन्त्रे रूप से चुनाव में खड़ा होंगे और मौक़ा मिलने पर पैसा ले के किसी तगड़े कैंडीडेट के पक्ष में बैठ जायेंगे या वोट कटवा कलायेंगे, लेकिन अपना प्रभाव क्षेत्र तो बचा ही लेंगे!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें